लघु सिंचाई विभाग

उत्तर प्रदेश सरकार

योजनाओं के निर्माण में जन सहभागिता का विवरण

लघु सिंचाई विभाग की अधिकांश योजनायें जनपद सेक्टर के अन्तर्गत आती है। इन योजनाओं हेतु धन का परिव्यय जनपद की जिला योजनाओं के अन्तर्गत् जनपदीय समिति द्वारा स्वीकृत किया जाता है,जिसमें जनपद के जनप्रतिनिधि सम्मिलित होते है।

लघु सिंचाई विभाग की मुख्य योजना निःशुल्क बोंरिग की है जिसमें उथले नलकूपों की स्थापना की जाती है।इसके अन्तर्गत् कृषक का चयन ग्राम पंचायत की खुली बैठक में किया जाता है।गहरे नलकूप एंव मध्यम गहराई के नलकूपों का रजिस्ट्रेषन जनपद स्तर पर किया जाता है,जिसमें प्राथमिकता रजिस्टर के आधार पर कार्य कराया जाता है।

लघु सिंचाई कार्यक्रम के अन्तर्गत् लिए जाने वाले कार्य या तो कृषक के स्वंय के होते है,उदाहरणतः निःशुल्क बोंरिग(उथले नलकूप),मध्यम गहरे नलकूप,गहरे नलकूप आदि या सामुदायिक प्रकति के कार्य उदाहरणतः चेकडैम,बन्धी,तालाब आदि होते हेै। कृषकों के कार्यों का रख-रखाव स्वंय कृषक द्वारा तथा सामुदायिक कार्यो का रख-रखरखाव ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है।नलकूपों के मामलों में विभाग द्वारा बोंरिग का कार्य पूर्ण किया जाता है शेष कार्य उदाहरणतः पम्पसेट स्थापना,पम्प हाउस/सम्प हाउस का निर्माण,विद्युतीकरण आदि कृषक द्वारा स्वंय किया जाता है।

इस प्रकार लघु सिंचाई कार्यों के निर्माण में प्रत्येक स्तर पर जनसहभागिता रखी जाती हैं।